Wednesday 26 March 2008

विरासत

मेरी नसल के प्यारे बच्चों
दुनिया के राजदुलारे बच्चों
माँ की कोख मे पलने वालो
घुटनों के
बल चलने वालो
इस से पहले कि तुम
माँ की बोली जान सको
दुनिया की कोई, भाषा पहचान सको
इस से पहले कि
धरम कोई डस ले तुमको
या
घेरा डाले धरती का कोई बन्धन
रूप की शाह्जादी कोई
आंखों मे भरजाए
आंखों के मस्त प्याले
आँचल की हवा
जुल्फों के घनेरे साए
इस से पहले कि कोई
सात समुन्दर तुम को देने आए
या ऊँचे -ऊँचे आकाशों पर साथ तुम्हें ले जाए
ये भी संभव है मेरे बच्चों
मेरी उमर के सारे लोग
दुनिया का राज तुम्हें दे दें
हुमाके पंखों वाला
ताज तुम्हें दे दें
और नज़र करे
नई सदी का नजराना भी
इस से पहले की तुम
दस्तक दो और
नई सदी का दरवाजा खोलो __बोलो
विरासत के खूनी सालों को
तोपों के धमाकों
बम्बो से भरी सदियाँ
अपाहिज बाजार - ऑ- कूचे
मेरे और मेरी उमरके
नफरत से भरे ख्यालों को
विरासत के खूनी सालों को
बोलो प्यार करोगे ?
अपना लोगे ?
इस से पहले की
धरम कोई डस ले तुम को
या घेरा डाले धरती का कोई बन्धन
बोलो
खूनी सालों को अपना लोगे ?
प्यार करोगे ?

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